क्या स्वाद है जिंदगी में

क्या स्वाद है जिंदगी में
क्या स्वाद है जिंदगी में

शनिवार, 22 अगस्त 2020

गणपति को अर्पित हरे लड्डू...

 बेसन,मूँग , मक्का/बाजरा सब ही पीसेंगे. मूँग के लड्डू बनानेके लिए इस बार साबूत मूँग पीस लिए. आटे को चलनी से छानकर  घी मिलाकर खूब अच्छी तरह सेका. इलायची और बूरा शक्कर मिलाया और फटाफट हरे लड्डू बाँध लिये. हरी दूब के साथ गणपति को हरे लड्डू बिना रंग मिलाये अर्पित कर मन प्रसन्न हो गया.लड्डू बनाने की विधि वैसी ही जैसे की बेसन के लड्डू बनाते हैं. 

#मूँग के #लड्डू -

दो कटोरी मूँग के पीसे आटे में लगभग एक कटोरी घी डालकर भूनना है.  अच्छी तरह भून लें. लगभग डेढ़ कटोरी बूरा शक्कर या पिसी चीनी मिलायें. चार पाँच मोटी इलायची  कूट पीस कर डालें और #लड्डू बना लें.  

खूबसूरती बढ़ाने के लिए लड्डू पर वर्क या काजू/बादाम के टुकड़ों से सजाया जा सकता है.

गुरुवार, 30 जुलाई 2020

तुरत फुरत लड्डू /चूरमा...






एक दिन खाना बनाते हुए अचानक पतिदेव ने पूछ लिया कि कुछ मीठा नहींं है क्या आज खाने में.   खाना लगभग पूरा बन चुका था और बच्चे टेबल लगाकर इंतजार कर रहे थे.  एकदम से समझ नहीं आया कि इतनी जल्दी में मीठा क्या बने. परात में दो चपाती का आटा बचा हुआ था जिसकी एक ही बनानी थी.  थोड़ी मोटी रोटी जो बीच में  घी लगाकर  दो तीन बार  तह कर बनाई जाती है, उसे यहाँ साटा रोटी कहते हैं. वैसी ही रोटी सेक कर रखने ही लगी थी कि एक आइडिया आया दिमाग में . मोटी रोटी के बीच में बूरा शक्कर डालकर उपर से थोड़ा घी और डाल दिया और हाथों से ही रोटी का चूरा करते हुए बूरे को अच्छी तरह मिलाते हुए लड्डू बना दिये. खाने के साथ मीठे का इंतजाम हो गया था . बच्चों को बहुत पसंद आया तो अगली बार  पूरी प्लानिंग से इसी तरह लड्डू बनाये. इस बार उसमें बूरा शक्कर के स्थान पर गुड़ का पाउडर डाला.
अगली बार एक प्रयोग और किया कि उसी मोटी रोटी को गरम ही मिक्सी में चला कर पाउडर जैसा बना लिया. बड़ी इलायची का पाउडर, ड्राई फ्रूट्स और कुछ अधिक घी मिलाकर चूरमा बना लिया. आधे चूरमे के लड्डू बाँध दिये. सारे प्रयोग सफल रहे और सबने सराहना कर भोग लगाया तो रेसिपी साझा करना उचित लगा.

आटे में घी का मोयन देकर पूड़ी के आटे जैसा गूँध लें.  5 मिनट ढ़क कर रेस्ट करने दें . अब दो चपाती के बराबर  लोई लेकर छोटे आकार की मोटी रोटी बेल लें.  रोटी को तवे और गैस पर अच्छी करारी होने तक सेक लें.
अब गरम रोटी पर ही घी और बूरा शक्कर या गुड़ मिला कर अच्छी तरह मिलाते हुए लड्डू बना लें.
इसी तरह मोटी रोटी बनाकर अच्छी तरह सेक कर गरम ही मिक्सी में चला लें. तुरंत निकाल कर पिघला घी ,  बूरा,पिसी इलायची, ड्राई फ्रूट्स डालकर अच्छी तरह सब सामग्री  आपस में  मिलायें.  चाहें तो लड्डू बना लें या फिर चूरमा जैसा ही सर्व करें.

घी, बूरा, गुड़ आदि की मात्रा अपने  स्वाद के अनुसार कम ज्यादा डालें. 

गुरुवार, 9 जुलाई 2020

कच्चे केले के कोफ्ते..... (Kofta curry)




चार कच्चे केले
1/4 कप मैदा
1/4 कप कॉर्नफ्लोर
1/4 कप खसखस
1/4 कप काजू
2 कप दूध
1/2 चम्मच चीनी
1/4 चम्मच जीरा
नमक स्वादानुसार
दो तेजपत्ता
एक बड़ी इलायची
छह सात दाने कालीमिर्च
1/4 चम्मच सोंठ पिसी या छोटा टुकड़ा अदरक...

कच्चे केलों को छिलके सहित उबाल लें. कुछ नरम होने पर छिलके हटा कर अच्छी तरह मैश कर लें. अब केले में मैदा और कॉर्नफ्लोर मिलाकर अच्छा मिश्रण तैयार करें. छोटे /बड़े (इच्छानुसार) गोले बनाकर कोफ्तों का आकार देते हुए तल लें. कोफ्ते पेपर पर रख कर अतिरिक्त तेल सोखने दें.
काजू और खसखस को एक कप दूध में आधे /एक घंटे के लिए भिगो दें. उसके बाद अच्छी तरह पीसकर पेस्ट बना लें.
पैन में एक छोटा चम्मच तेल और एक छोटा चम्मच घी गरम करें  (घी के स्थान पर बटर भी ले सकते हैं).गरम होने पर जीरा और तेजपत्ता डालें. फिर काजू- खसखस का पेस्ट डालकर  अच्छी तरह चलाते हुए भूनें.  फिर दो कप दूध डालकर अच्छी तरह उबाल कर ग्रेवी बनायें. काली मिर्च और बड़ी इलायची अच्छी तरह क्रश करके डाल दें. नमक और चीनी मिलायें. सोंठ पाउडर डालें . (अदरक डालना हो तो उसका पेस्ट बनाकर काजू-खसखस के  पेस्ट के साथ ही डालें).
अब एक प्लेट में कोफ्ते रखकर उपर से ग्रेवी डाल दें. बारीक कटा हरा धनिया डालकर गार्निश करें.
चार-पाँच फूलमखाने और किशमिश मिला देने से स्वाद में बढ़ोतरी होगी!
 नोट-  मेरे पास धनिया नहीं था तो बादाम-पिस्ता की कतरन और चिरौंजी से गार्निश किया.
कोफ्ते का मिश्रण न ज्यादा सख्त हो न ही ज्यादा नरम. कोफ्तों का आकार देने में परेशानी हो तो अँगुलियों/ हथेली पर पानी  लगाकर बनाये.