क्या स्वाद है जिंदगी में

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गुरुवार, 30 जुलाई 2020

तुरत फुरत लड्डू /चूरमा...






एक दिन खाना बनाते हुए अचानक पतिदेव ने पूछ लिया कि कुछ मीठा नहींं है क्या आज खाने में.   खाना लगभग पूरा बन चुका था और बच्चे टेबल लगाकर इंतजार कर रहे थे.  एकदम से समझ नहीं आया कि इतनी जल्दी में मीठा क्या बने. परात में दो चपाती का आटा बचा हुआ था जिसकी एक ही बनानी थी.  थोड़ी मोटी रोटी जो बीच में  घी लगाकर  दो तीन बार  तह कर बनाई जाती है, उसे यहाँ साटा रोटी कहते हैं. वैसी ही रोटी सेक कर रखने ही लगी थी कि एक आइडिया आया दिमाग में . मोटी रोटी के बीच में बूरा शक्कर डालकर उपर से थोड़ा घी और डाल दिया और हाथों से ही रोटी का चूरा करते हुए बूरे को अच्छी तरह मिलाते हुए लड्डू बना दिये. खाने के साथ मीठे का इंतजाम हो गया था . बच्चों को बहुत पसंद आया तो अगली बार  पूरी प्लानिंग से इसी तरह लड्डू बनाये. इस बार उसमें बूरा शक्कर के स्थान पर गुड़ का पाउडर डाला.
अगली बार एक प्रयोग और किया कि उसी मोटी रोटी को गरम ही मिक्सी में चला कर पाउडर जैसा बना लिया. बड़ी इलायची का पाउडर, ड्राई फ्रूट्स और कुछ अधिक घी मिलाकर चूरमा बना लिया. आधे चूरमे के लड्डू बाँध दिये. सारे प्रयोग सफल रहे और सबने सराहना कर भोग लगाया तो रेसिपी साझा करना उचित लगा.

आटे में घी का मोयन देकर पूड़ी के आटे जैसा गूँध लें.  5 मिनट ढ़क कर रेस्ट करने दें . अब दो चपाती के बराबर  लोई लेकर छोटे आकार की मोटी रोटी बेल लें.  रोटी को तवे और गैस पर अच्छी करारी होने तक सेक लें.
अब गरम रोटी पर ही घी और बूरा शक्कर या गुड़ मिला कर अच्छी तरह मिलाते हुए लड्डू बना लें.
इसी तरह मोटी रोटी बनाकर अच्छी तरह सेक कर गरम ही मिक्सी में चला लें. तुरंत निकाल कर पिघला घी ,  बूरा,पिसी इलायची, ड्राई फ्रूट्स डालकर अच्छी तरह सब सामग्री  आपस में  मिलायें.  चाहें तो लड्डू बना लें या फिर चूरमा जैसा ही सर्व करें.

घी, बूरा, गुड़ आदि की मात्रा अपने  स्वाद के अनुसार कम ज्यादा डालें. 

शनिवार, 4 मई 2019

ग्वारफली की ढ़ोकली...



ग्वारफली की ढ़ोकली....

एक कटोरी गेहूँ के आटे में एक चौथाई कटोरी बेसन मिलायें. एक छोटा चम्मच तेल डालकर हाथ से अच्छी तरह मिलायें.
नमक, अजवाइन डालकर पानी हाथों से  आटा मिलाते हुए गूँधें.  रोटी के आटे की तरह ज्यादा नहीं गूँधना है. इसकी छोटी छोटी लोईयाँ बनाकर चपटा करें और बीच में गड्ढ़ा करें. एक भगौने में पानी गरम रखें. उबाल आने पर सभी ढ़ोकलियाँ एक एक कर डाल दें. पाँच से दस मिनट तक उबलने दें. पकने पर ढ़ोकलियाँ ऊपर आ जायेंगी. निकालकर अलग रख लें. पानी फेंके नहीं.
ग्वारफली को छोटे टुकड़ों में काटें. कड़ाही मे तेल गरम कर राई, अजवाइन, जीरे का छौंक लगायें. हरी मिर्च बारीक काटकर डालें. अब ग्वारफली डालें.  नमक, मिर्च, हल्दी, सूखा धनिया डालें. अच्छी तरह मिलाकर थोड़ा पानी डालकर ढ़क दें. टमाटर छोटे टुकड़ों में काटें या पीस लेंं. फली नरम होने  टमाटर डालें. अच्छी तरह पकने पर ढ़ोकली और जिस पानी में उबाला था ,वह भी मिला दें.  गरम मसाला डालें. सूखी मेथी को हाथ से मसल कर डालें. बारीक कटे प्याज और हरा धनिया से गार्निश कर परोसें.

नोट- छौंक लगाने में साबुत गरम मसाला  भी डाल सकते हैं. इसके अलावा  प्याज , लहसुन आदि पीस कर या कूट कर भी डाल सकते हैं.

गुरुवार, 2 फ़रवरी 2017

बाजरे का खीचड़ा




बाजरे का खीचड़ा-

बाजरा को अच्छी तरह धोकर साफ करें और बस बाजरा गीला होने जितने पानी में दो घंटे भिगो दें. पानी से निकालकर कपड़े पर फैला दें ताकि पूरा पानी निकल जाये. अब नम बाजरे को 2 मिनट ओखली में कूटें जिससे बाजरे का छिलका निकल जाये. बाजरे को ओखली से निकालकर  फटक कर छिलका अलग करें. एक बार फिर से यह प्रक्रिया दुहरायें. अब बचे बाजरे को दरदरा कूट लें.
चँवले की दाल और चावल को भिगो कर रखें. (साबुत चँवला भी ले सकते हैं)
भारी तले के भगोने में पानी उबलने रखें. उबाल आने पर बाजरा, दाल और चावल डालकर चम्मच से हिलायें. स्वादानुसार नमक डालें.आँच को संतुलित रखते हुए पकाएं. इसका ध्यान रखना आवश्यक है  क्योंकि खीचड़ा बनते समय पानी
 तेजी से उफनता है. पूरा पकने की स्थिति में खिचड़े से तीव्र बुलबुले उठते हैं. सावधानी रखें.
मात्रानुसार आधे से एक घंटे का समय पकने में लगता है.  पकाने के लिए पूरी सामग्री का दुगुना पानी लें. यदि पानी कम लगे तब उसमें उपर से गरम पानी मिलाएं.
गरम गरम खीचड़ा थाली में लेकर बीच में गड्ढा सा कर घी डालें व गुड़ के साथ भोग लगायें.
कुछ लोग घी की बजाय शुद्ध तिल का तेल डालना पसंद करते हैं. देसी तरीका भी यही है. कुछ लोग गरम खीचड़ा दूध के साथ भी खाना पसंद करते हैं. ऐसी स्थिति में पकते समय नमक न डालें.
भीषण ठंड के समय रात के खाने में यह संपूर्ण भोजन है. रात में बना हुआ खीचड़ा दूसरे दिन सुबह छाछ में मिलाकर कच्चे प्याज के टुकड़े डाल कर खाने पर बहुत स्वादिष्ट लगता है.