क्या स्वाद है जिंदगी में

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गुरुवार, 9 जुलाई 2020

कच्चे केले के कोफ्ते..... (Kofta curry)




चार कच्चे केले
1/4 कप मैदा
1/4 कप कॉर्नफ्लोर
1/4 कप खसखस
1/4 कप काजू
2 कप दूध
1/2 चम्मच चीनी
1/4 चम्मच जीरा
नमक स्वादानुसार
दो तेजपत्ता
एक बड़ी इलायची
छह सात दाने कालीमिर्च
1/4 चम्मच सोंठ पिसी या छोटा टुकड़ा अदरक...

कच्चे केलों को छिलके सहित उबाल लें. कुछ नरम होने पर छिलके हटा कर अच्छी तरह मैश कर लें. अब केले में मैदा और कॉर्नफ्लोर मिलाकर अच्छा मिश्रण तैयार करें. छोटे /बड़े (इच्छानुसार) गोले बनाकर कोफ्तों का आकार देते हुए तल लें. कोफ्ते पेपर पर रख कर अतिरिक्त तेल सोखने दें.
काजू और खसखस को एक कप दूध में आधे /एक घंटे के लिए भिगो दें. उसके बाद अच्छी तरह पीसकर पेस्ट बना लें.
पैन में एक छोटा चम्मच तेल और एक छोटा चम्मच घी गरम करें  (घी के स्थान पर बटर भी ले सकते हैं).गरम होने पर जीरा और तेजपत्ता डालें. फिर काजू- खसखस का पेस्ट डालकर  अच्छी तरह चलाते हुए भूनें.  फिर दो कप दूध डालकर अच्छी तरह उबाल कर ग्रेवी बनायें. काली मिर्च और बड़ी इलायची अच्छी तरह क्रश करके डाल दें. नमक और चीनी मिलायें. सोंठ पाउडर डालें . (अदरक डालना हो तो उसका पेस्ट बनाकर काजू-खसखस के  पेस्ट के साथ ही डालें).
अब एक प्लेट में कोफ्ते रखकर उपर से ग्रेवी डाल दें. बारीक कटा हरा धनिया डालकर गार्निश करें.
चार-पाँच फूलमखाने और किशमिश मिला देने से स्वाद में बढ़ोतरी होगी!
 नोट-  मेरे पास धनिया नहीं था तो बादाम-पिस्ता की कतरन और चिरौंजी से गार्निश किया.
कोफ्ते का मिश्रण न ज्यादा सख्त हो न ही ज्यादा नरम. कोफ्तों का आकार देने में परेशानी हो तो अँगुलियों/ हथेली पर पानी  लगाकर बनाये.


शुक्रवार, 1 फ़रवरी 2019

बेसन के करैले.....

   
बेसन के करैले---
सामग्री
करैले बनाने के लिए
एक कटोरी बेसन
हींग चुटकी भर
जीरा चौथाई चम्मच
नमक एक चम्मच
लाल मिर्च पिसी एक चम्मच
तेल एक छोटी चम्मच
गुनगुना पानी
बेसन में सब सामग्री मिलाकर गुनगुने पानी से अँगुलियों से मिलाते हुए गूँधें. बेसन की छोटी लोई को बीच से दबाकर  किनारों से चपटा करते हुए नाव सी आकृति दें. दो गोलों को हाथ से बेलन के आकार में लंबा करें. खौलते पिनी में बेसन से बने करैले और गट्टे डाल दें. अच्छी तरह पकने पर उतार लें. पानी से करैले और गट्टे उतार लें. पानी को फेंके नहीं. यह ग्रेवी बनाने के काम आयेगा.
ग्रेवी के लिए सामग्री -
मूँगफली भुनी और छिलके उतरी हुई 2 चम्मच
तिल एक चम्मच (कड़ाही मेंं सूखा भून लें.)
नारियल पाउडर एक चम्मच (हल्का सा भूनें. ध्यान रहे कि रंग न बदले)
धनिया पिसा एक चम्मच
नमक ऐक चम्मच
मिर्च एक चम्मच
हल्दी आधा चम्मच
इमली थोड़ी सी बीज निकाली हुई
जीरा 1/2चम्मच
राई 1/2 चम्मच
हींग चुटकी भर
मीठा नीम सात आठ पत्तियाँ
सूखी लाल मिर्च एक
हरी मिर्च एक
अदरक छोटा टुकड़ा
गरम मसाला आधा चम्मच
तेल  एक बड़ा चम्मच

तिल, मूँगफली और नारियल को दरदरा पीस लें. हरी मिर्च और अदरक बारीक काट लें. इमली को गरम पानी में भिगोकर मसल लें.
कड़ाही में तेल गरम करें. राई, हींग और मीठा नीम और साबुत लाल मिर्च हाथ से तोड़कर डालें. राई तड़कने पर तिल, मूँगफली का मसाला डालें . इमली का पल्प डालें. थोड़ा सा पानी डालें. अब नमक, मिर्च, हल्दी भी डाले और उबाल आने दें. फिर बेसन के करैले साबुत और गट्टों को गोल काटकर डालें. थोड़ा चलाकर करैले और गट्टे उबाला हुआ पानी भी डाल दें. ग्रेवी गाढ़ी होने पर गरम मसाला डालें. बारीक कटा धनिया डाल दें. चावल या चपाती के साथ परोसें.

नोट-
पारंपरिक राजस्थानी भोजन में गट्टे की सब्जी का विशेष स्थान है. गट्टे की सब्जी की एकरसता से उब गये हों तो बेसन की यह भरवाँ सब्जी बनाकर देखें. भरवाँ करैले के मसाले के साथ यह बेसन के करैले बनायें। स्वाद लाजवाब होगा

बुधवार, 1 मार्च 2017

बघारे बैंगन हैदराबादी

#बघारेबैंगन
#bagharebaingan
#बैंगनहैदराबादी

सामग्री 
5-6 छोटे बैंगन
1/2 कप मूँगफली
1/4 कप तिल
1/4 कप नारियल बुरादा 
2 छोटे चम्मच सूखा धनिया 
2 छोटे चम्मच जीरा
1 छोटी चम्मच राई साबुत
1छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर
1 छोटी चम्मच नमक
1/2 छोटी चम्मच हल्दी पाउडर
1/4 चम्मच गरम मसाला पाउडर
इमली 1/4 कप या अंदाज़ से
1 बडा चम्मच तेल
कुछ पत्तियां मीठा नीम 
बारीक कटा धनिया

विधि-
मूँगफली को सूखा कडाही में भून लें. मसल कर छिलका उतारें. तिल को भी सूखा ही भूनें. 
अब तिल , मूँगफली, नारियल पाउडर, 1 छोटी चम्मच जीरा, धनिया (यदि साबुत हो तो) को मिक्सी में इकट्ठा पीसें.
इस मसाले में नमक, धनिया पाउडर , लाल मिर्च पाउडर , मिला कर रख लें.
इमली को कुछ देर भिगो कर रखें. मसल लें.
अब बैंगन को धोकर साफ़ कपडे से पोंछ लें. अब चाकू से दो कट इस प्रकार लगायें कि डंठल वाला किनारा जुडा रहे. तिल मूँगफली वाला मसाला सावधानी से बैंगन में भर लें. बाकी मसाला एक तरफ़ रख लें.
अब कडाही में तेल डालें. राई और जीरे का छौंक लगायें. जीरा सुनहरा होने पर मीठा नीम और बारीक कटी हरी मिर्च डालें. अब मसाला भरे बैंगन तेल में डाल कर हल्के हाथ से नरम होने तक उलट पलट लें. बाकी बचा मसाला भी डाल लें. आधा कप पानी डालकर ढक दें. बैंगन अधपके होने तक यदि और पानी की आवश्यकता है तो डालें वर्ना तेल में ही मसाला किनारे छोड़ने तक पकायें. फिर इमली का गूदा मसल कर सब्जी में मिलायें. मसाला अधिक गाढा हो तो थोडा पानी और मिलायें. एक उबाल आने और बैंगन पकने तक आंच पर रखें.
हरा धनिया बारीक काट कर बुरक लें.

इस सब्जी के परंपरागत विधि में तेल सब्जी के उपर तैरना चाहिये और सब्जी का रंग मिर्च के कारण लाल रहता है. हम अपने स्वाद और सेहत के अनुसार तेल और लाल मिर्च की मात्रा कम अधिक रख सकते हैं.
इसी मसाले और विधि से भिंडी, टिंडा, हरी मिर्च, करैला, टमाटर, तोरई आदि की सब्जी भी बनाई जा सकती है.