क्या स्वाद है जिंदगी में

क्या स्वाद है जिंदगी में
क्या स्वाद है जिंदगी में

शुक्रवार, 4 नवंबर 2016

नारियल मूंगफली की बर्फी.....


सामग्री....

आधा कप नारियल का बुरादा
आधा कप मूँगफली
दो कप चीनी
आधा कप पानी
थोड़ी सी पीसी इलायची

विधि.....
मूंगफली को कड़ाही में बिना घी/ तेल भूनें। सिकने पर आंच से उतार कर हाथ से मसल कर छिलका उतार दें।
नारियल के बुरादे को बहुत थोड़ी से देर के लिए सूखा ही कड़ाही में भूनें। ध्यान रखें कि न यह जल पाए न ही रंग बदले.
अब मूंगफली और नारियल को मिक्सी में ग्राइंड करके एक तरफ रखें।
अब कड़ाही में आधा कप पानी और दो कप चीनी मिलाकर चाशनी बनायें। चाशनी को लगातार चलाते रहें। यह गुलाब जामुन की चाशनी से थोड़ी गाढ़ी होनी चाहिए। यदि अधिक गाढ़ी हो जाए तो बहुत कम मात्रा में उबलता पानी डालें जिससे बर्फी जमाने में असुविधा न हो। प्लेट टेस्ट कर या चम्मच से गिराकर टेस्ट किया जा सकता है।
अब आंच बंद कर जल्दी से मूंगफली और नारियल का मिश्रण मिलाएं और चिकनाई लगी प्लेट में जमाएं। ऊपर से पिसी इलायची बुरके। थोड़ी गरम में ही चाकू से मनचाहे आकार में निशान लगाकर छोड़ दें। ठंडी होने पर अलग करें।
बिना घी/ तेल की स्वादिष्ट पौष्टिक बर्फी तैयार है।

शनिवार, 11 अक्टूबर 2014

आमेर की गूंजी और गाँठिये ......

जयपुर एक खूबसूरत पर्यटन  स्थल है और अपने देश ही नहीं ,  विदेशों में भी ख़ासा लोकप्रिय है। आंकड़ों के बिना भी  यहाँ की सड़कों पर घूमते सैलानियों को देख कर ही  अनुमान लगाया जा सकता है। कुछ समय के अंतराल में अपने शहर की खूबसूरती को पर्यटक की तरह निहारने में बड़ा आनंद है.  तेजी से चल रहे विस्तारण और विकास कार्यों  के कारण हर बार और अधिक खूबसूरत और नवीन नजर आता है।  कल ही जब आमेर होकर गुजरना पड़ा तो आँखें ठहर ही गयी पर्यटकों की मानिंद। आमेर महल की पृष्ठभूमि में  मावठे का साफ़ पारदर्शी जल जिसमे खूबसूरत बड़ी मछलियों का किलोल लुभा रहा था. 
 आमेर महल की चढ़ाई चढ़ते ही जयपुर के कछवाहा राजवंश   की कुलदेवी शिलामाता का मंदिर है। जयपुर के राजा मानसिंह बंगाल से मूर्ति लेकर आये थे हालाँकि और कई कथाएं भी प्रचलित हैं।  इस मंदिर की एक प्रमुख विशेषता यह है कि यहाँ भोग लगाने के बाद ही मंदिर के पट खोले जाते हैं।  माता को गूंजी का भोग ही लगाया जाता है।  मावे और चीनी /बूरे  से बनी इस  मिठाई का स्वाद पेड़े जैसा ही होता है।  
आमेर घूमने आने वाले महल के आसपास  दुकानों से मावे की गूंजी और बेसन के गांठिए (नमकीन ) जरूर लेना चाहते हैं।  यदि आप आमेर भ्रमण कर चुके हैं तो इससे अवश्य परिचित होंगे और यदि आपको आमेर भ्रमण का मौका  मिले तो इसका स्वाद लेने से न चूकें !